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आम नहीं है बार-बार वायरल फीवर होना, अगर आपमें भी है ये लक्षण तो गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं आप

वायरल बुखार कोई बीमारी नहीं है लेकिन ये एक ऐसी समस्या है जो अगर किसी को पकड़ ले तो उस व्यक्ति का खाना-पीना उठना-बैठना और यहां तक की चलना-फिरना भी मुश्किल कर देती है। दरअसल किसी भी वायरस की वजह से जो बुखार होता है उसे ही वायरल बुखार या वायरल फीवर कहते हैं ये आमतौर पर मौसम बदलने के कारण अधिक होता है इसलिए कुछ लोग इसे मौसमी बुखार भी कहते हैं।

वायरल बुखार के लक्षण

वायरल फीवर सिम्पटम्स की बात करें तो मौसम व तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण हमारे शरीर में वायरल बुखार के लक्षण दिखने लगते हैं क्योंकि बार-बार मौसम में बदलाव जैसे सर्द-गर्म होने के कारण शरीर की प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर पड़ने लग जाती है जिससे शरीर वायरस के संक्रमण में आ जाता है और वायरल फीवर सिम्पटम्स दिखने लगते हैं जिसे कई तरह से पहचाना जा सकता है-

1.थकान

सिम्पटम्स ऑफ़ वायरल फीवर में थकान होना काफी आम है। जब भी आपको वायरस के कारण फीवर होगा तब आपको शरीर में काफी थकान महसूस होगी और किसी भी तरह के छोटे से छोटा काम भी करने का मन नहीं करेगा साथ ही नींद अधिक आएगी।

2.खांसी

खांसी भी वायरल फीवर सिम्पटम्स ही है, वायरल होने पर पीड़ित व्यक्ति के गले में जलन और बार-बार खांसी आएगी, इस दौरान खांसी इतनी तेज़ होती है कि खांसने से पेट में दर्द भी हो सकता है। इसके अलावा कभी-कभार खांसी के साथ साथ बुखार भी आता है।

3.मांसपेशियों में दर्द

अगर आपको हमेशा मांसपेशियों में दर्द रहे और हड्डियों में अकड़न महसूस हो तो समझ जाएं कि ये वायरल फीवर सिम्पटम्स है क्योंकि ये वायरल फीवर का सबसे बड़ा लक्षण है इसलिए बिना लापरवाही किए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

4.गले में खराश

वायरल फीवर के लक्षण में गले के भीतर जलन, चुभन और कांटे जैसी खुजली होना भी शामिल है। इस दौरान गले में इतनी खराश लगती है कि पीड़ित व्यक्ति का ठंडा पानी पीने का मन करता है और खूब पानी पीने के बावजूद भी प्यास नहीं बुझती है।

5.सिर में दर्द

सिर में दर्द और आंखों में दर्द होना भी वायरल फीवर के लक्षण हैं, इस स्थिति में वायरल फीवर से पीड़ित व्यक्ति के नाक के ठीक ऊपर और आंखों के आस पास के सभी जगहों पर तेज़ दर्द महसूस होता है और सिर भारी-भारी सा महसूस होता है।

6.ठंड लगना

वायरल फीवर सिम्पटम्स इन हिंदी की बात करें तो इस बीमारी में तेज कंपकंपी छूटती है और रोंगटे खड़े हो जाते हैं साथ ही आंखों से हमेशा पानी आता रहता है।

7.रेशैज

viral fever के लक्षण को त्वचा पर दिखने वाले रेशैज से भी पहचाना जा सकता है, इस स्थिति में त्वचा पर लाल रंग के दाने और रैशेज उभरने लगते हैं जो काफी जलन और खुजली भी पैदा करते हैं।

8.दस्त लगना

वायरल बुखार के लक्षण में दस्त लगना भी शामिल है। वायरल फीवर का शिकार होने के बाद पीड़ित व्यक्ति को दस्त लगने लग जाता है ये पेट में संक्रमण की वजह से होता है।

Viral fever

आपको बता दें कि बच्चों में वायरल फीवर लक्षण ज्यादा देखे जाते हैं, क्योंकि छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर होती है और वो खेलते-कूदते समय कई ऐसी चीज़ों को हाथ लगाते हैं जो वायरस से संक्रमित होता है। इसके अलावा मौसम में बदलाव का ज्यादा असर छोटे बच्चों पर ही देखने को मिलता है और कमजोर इम्यूनिटी के कारण बच्चों में बुखार जल्दी पनप जाते हैं। इस स्थिति में छोटे बच्चों को थकावट, खांसी, संक्रामक जुकाम, उल्टी, दस्त जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। अगर यह सभी लक्षण हफ्ते भर से ज्यादा रहे तो जल्द से जल्द डॉक्टर से सलाह ले।

वायरल फीवर होने के कारण

वायरल फीवर के लक्षण इन हिंदी के बारे में जानने के बाद ये भी जानना बहुत जरूरी है कि आखिर वायरल फीवर होता क्यों है, तो हम आपको बता दें कि इसके कई कारण हैं जैसे-

1.दूषित पानी या दूषित भोजन जैसे खुला भोजन या फिर 3-4 दिन पुराना भोजन करने की वजह से वायरल फीवर होता है।

2.प्रदूषण भी वायरल फीवर होने का एक बड़ा कारण है क्योंकि दूषित हवा में मौजूद सूक्ष्म कण शरीर के भीतर चले जाते हैं जो वायरल फीवर के लक्षण पैदा करते हैं।

3.जिस व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है उन लोगों में हमेशा वायरल फीवर के लक्षण देखे जाते हैं, ऐसे लोग अगर छोटी सी भी लापरवाही करते हैं तो इससे वायरल फीवर होने का खतरा रहता है।

4.वायरल फीवर एक संक्रमण है ये संक्रमित रोगी के पास रहने से फैल सकता है। अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति के साथ उठ-बैठ रहे हैं जिसे खांसी-जुकाम, कफ, बदन दर्द, बुखार, दस्त और उल्टी आदि हो रही है तो आप भी बेहद आसानी से वायरल फीवर के शिकार हो सकते हैं।

5.मौसम में बदलाव भी वायरल फीवर होने का सबसे बड़ा कारण है, अचानक से तापमान में होने वाली गिरावट की वजह से वायरल फीवर के संक्रमण फैलने लगते हैं और ये एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी बड़ी आसानी से हो जाते हैं।

वायरल बुखार होने पर डॉक्टर के पास कब जाएं?

Viral fever symptoms in hindi

वैसे तो वायरल फीवर या वायरल बुखार को एक नॉर्मल बीमारी माना जाता है जो 5 से 7 दिन में अपने आप ठीक हो जाती है लेकिन अगर आपको हफ्ते से ज्यादा दिनों से बुखार है और ठीक नहीं हो रहा है तो ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें, जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर से संपर्क करें। ये एक ऐसी बीमारी है जिसमें बुखार ठीक ना होने पर डॉक्टर कुछ टेस्ट भी करते हैं क्योंकि कई बार लापरवाही की वजह से संक्रमण अंदर तक फैल जाता है जिससे शरीर के बाकी अंदरूनी अंगों को नुकसान पहुंचता है।

बार-बार वायरल फीवर होने पर या बुखार रहने पर डॉक्टर की ओर से कंप्लीट ब्लड काउन्ट कराने की सलाह दी जाती है इसके अलावा कई बार वायरल एन्टीजेन टेस्ट भी करवाया जाता है।

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