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Jaundice Treatment in Hindi: पीलिया रोग के कारण, लक्षण और इलाज

Jaundice Treatment in Hindi: पीलिया रोग के कारण, लक्षण और इलाज

Jaundice Treatment in Hindi पीलिया रोग के कारण, लक्षण और इलाज

    किसी भी व्यक्ति के शरीर में जब बिलीरुबिन की मात्रा (bilirubin level) बढ़ जाती है, तब त्वचा, नाखून और आँखों का सफेद हिस्सा पीला पड़ने लगता है। शरीर में आए इस बदलाव को मेडिकल भाषा में जॉन्डिस (Jaundice) या पीलिया कहते हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि जॉन्डिस (Jaundice) समस्या से पीड़ित व्यक्ति का लिवर ठीक से काम करना बंद कर देता है। वहीं, कभी-कभी पीलिया की समस्या (jaundice problem) गंभीर रूप भी ले सकती है। ऐसे में आइए आज पीलिया का इलाज (Jaundice treatment), पीलिया के कारण (Causes of Jaundice) और पीलिया के लक्षण (Jaundice Symptoms) के बारे में विस्तार से जानते हैं-

    पीलिया के कारण (Causes of Jaundice in Hindi)

    आमतौर पर जब खून में बिलीरुबिन की मात्रा (bilirubin level) 2.5 से अधिक हो जाती है, तो लिवर ठीक से काम करना बंद कर देता है यानि लिवर के गंदगी साफ करने की प्रक्रिया रुक जाती है और इसी वजह से पीलिया (Causes of Jaundice in Hindi) होता है।

    · प्री-हिपेटिक पीलिया (Pre-Hepatic Jaundice)

    प्री-हिपेटिक पीलिया (pre-hepatic jaundice) लाल रक्त कोशिकाओं के जल्दी टूटने से बिलीरुबिन की मात्रा में बढ़ोतरी होने की वजह से होता है।

    · हेपैटोसेलुलर पीलिया (Hepatocellular Jaundice)

    हेपैटोसेलुलर पीलिया (Hepatocellular Jaundice) आमतौर पर लीवर की कोशिकाओं में किसी भी तरह के नुकसान या लीवर में इन्फेक्शन के कारण होता है। वहीं इसके पीछे शरीर में एसिडिटी के बढ़ जाने, ज्यादा शराब पीने, अधिक नमक का सेवन और मसालेदार खाद्य पदार्थों के सेवन आदि कारण होते हैं।

    · पोस्ट-हैपेटिक पीलिया (Post-Hepatic Jaundice)

    आमतौर पर पित्त नलिका में रुकावट के कारण पोस्ट-हैपेटिक पीलिया (Post-Hepatic Jaundice) होता है। वहीं पित्त नलिका में रुकावट लिवर में घाव, पित्ताशय की पथरी (Gallbladder Stone), हेपेटाइटिस (Hepatitis) या फिर किसी मेडिसिन के अधिक सेवन की वजह से होता है।

    पीलिया से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए 88569-88569 पर कॉल करें और पाएं डॉक्टर से FREE सलाह।

    पीलिया के लक्षण (Jaundice Symptoms)

    पीलिया के लक्षण (Jaundice Symptoms)

    पीलिया से पीड़ित मरीज का यदि समय पर लक्षणों की पहचान कर इलाज नहीं किया जाए, तो रोगी को कई तरह के गंभीर समस्याओं को झेलना पड़ सकता है। ऐसे में आइए जानते हैं पीलिया के लक्षण (Jaundice Symptoms)-

    • त्वचा, नाखून और आंख का सफेद हिस्सा तेजी से पीला होने लगता है।
    • मितली आना, पेट दर्द, भूख ना लगना और खाना ना हजम होना जैसे लक्षण दिखाई देना।
    • तेजी से वजन कम होना।
    • गाढ़ा/पीला पेशाब या यूरिन होना।
    • लगातार थकान महसूस होना।
    • भूख नहीं लगना।
    • पेट में दर्द का एहसास होना।
    • बुखार होना।
    • हाथों में खुजली का होना।

    पीलिया के लक्षण के बारे में अधिक जानने के लिए इसे पढ़ें - पीलिया के लक्षण (Symptoms of Jaundice)

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    पीलिया का इलाजउपचार (Jaundice Treatment in Hindi)

    पीलिया का इलाज/उपचार (Jaundice Treatment in Hindi)

    ज्‍यादातार लोगों पर पीलिया रोग का असर कम पड़ता है। लेकिन कभी-कभी कुछ लोगों पर रोग का प्रभाव ज्यादा पड़ जाता है जिस वजह से लीवर (यकृत) से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं। ऐसे में पीलिया रोग होते ही नीचे दिए गए बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए -

    • रोगी को जल्द से जल्द डॉक्‍टर के पास जाकर सलाह लेना चाहिए।

    • घूमना-फिरना बंद कर आराम करना चाहिए।

    • डॉक्‍टर की सलाह से जांच कराते रहना चाहिए।

    • नीबू, संतरे तथा अन्‍य फलों का रस भी इस रोग में लाभकारी होता है।

    • वसा युक्‍त भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए।

    • चावल,  दलिया,  खिचड़ी, उबले आलू,  शकरकंदी,  चीनी,  ग्‍लूकोज,  गुड,  चीकू,  पपीता,  छाछ,  मूली आदि कार्बोहाडेट वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए।

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     अकसर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

     1. एनीमिया और पीलिया के लक्षणों में अन्तर (Anemia and Jaundice Difference)

    एनीमिया रोग से पीड़ित व्यक्ति का रंग सफेद-पीला हो जाता है, लेकिन पीलिया में रोगी की त्वचा, आंख, नाखून और मुंह का रंग हल्दी की तरह पीला हो जाता है। वहीं, एनीमिया खून की कमी के वजह से होता है, लेकिन जब शरीर में बिलीरुबिन की मात्रा (bilirubin level) बढ़ जाती है तब पीलिया होता है। इसके अलावा, एनीमिया में भूख लगती है, लेकिन पीलिया में भूख नहीं लगती है।

     2. पीलिया के कारण होने वाली दूसरी बीमारियां (Disease Due to Jaundice)

    पीलिया एक जानलेवा बीमारी नहीं है। हालांकि, रोग का सही समय पर उपचार ना किया जाए, तो कभी-कभी यह गंभीर रूप ले सकता है। वहीं पीलिया के कारण फैटी लिवर, सिरोसिस रोग, लिवर फेल्योर, एक्यूट लिवर फेल्योर और  क्रोनिक लिवर फेल्योर समेत अन्य बीमारियां हो सकती हैं।

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     3. पीलिया में क्या चीज नहीं खानी चाहिए?

    पीलिया के मरीजों को अचार का सेवन नहीं करना चाहिए। नमक के सेवन से भी परहेज करना चाहिए। इसके अलावा, मीट, चिकन और अंडे का सेवन नहीं करना चाहिए।

     4. पीलिया में क्या खाया जाता है?

    पीलिया के दौरान फलों का सेवन खूब करें, ताकि उनमें मौजूद सभी जरूरी पोषक तत्व शरीर में पहुंच सकें। संतरा, बेरी, पपीता और सेब जैसे फलों में डाइजेस्टिव एन्जाइम्स और विटामिन सी, के और बी होती हैं। वहीं रोजाना कच्चा केला, ब्रोकली और गाजर खाने से लिवर की डिटॉक्सिफिकेशन शक्ति बढ़ती है।

    सेहत से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए 88569-88569 पर कॉल करें और पाएं डॉक्टर से FREE सलाह। इसके अलावा,आप अपने नज़दीकी उजाला सिग्नस अस्पताल में अपना बेहतर और किफायती इलाज भी करवा सकते हैं। हमारे अस्पताल कानपुर, रेवाड़ी, काशीपुर, वाराणसी, सोनीपत, पानीपत, कुरुक्षेत्र, दिल्ली में नांगलोई और रामा विहार, कैथल, बहादुरगढ़, करनाल, मुरादाबाद, हल्द्वानी और आगरा में मौजूद हैं।

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