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घुटने के दर्द का इलाज

घुटने के दर्द का इलाज

ghutne dard ka ilaz

    घुटने के दर्द से परेशान हैं और अपनी समस्या के लिए सही इलाज या उससे संबंधइत जानाकारी ढूंढ रहे हैं तो आप सही जगह आएं हैं। यहां आपको घुटने के इलाज (knee pain treatment in hindi) से संबंधित जानकारी सरल भाषा में जानने को मिलेगी।

    Knee Pain की जाँच के लिए डॉक्टर निम्नलिखित स्टेप्स फॉलो करता है:

    • घुटने में सूजन, दर्द, गर्माहट या कोई चोट का निशान है या नहीं
    • आप अलग-अलग दिशाओं में अपने पैर को कितनी दूर तक घुमा सकते हैं
    • आपके जोड़ को दबा कर या खींचकर का पता लगाना

    यह भी पढ़ें: घुटनों के दर्द का रामबाण इलाज हैं ये तीन घरेलू नुस्खे, झट करेंगे दूर

    इमेजिंग टेस्ट

    कुछ मामलों में डॉक्टर निम्नलिखित टेस्ट करवाने की सलाह दे सकता है

    एक्स रे

    घुटने में किसी प्रकार का फ्रैक्चर या नहीं, या जोड़ों में कोई समस्या है, ये जाँचने के लिए डॉक्टर एक्सरे की सलाह देते हैं।

    कंप्यूटराइज़ड टोमोग्राफी स्कैन: सीटी स्कैन और  एक्स-रे को अलग-अलग एंगल्स से किया जाता है ताकी शरीर के अंदर की अलग-अलग तस्वीरें सामने आ सकें। सीटी स्कैन हड्डियों से जुड़ी हुई समस्याएं या फ्रैक्चर पता लगाने में मदद करता है। यहां तक अगर आपके जोड़ में सूजन ना हो तो एक खास तरह के सीटी स्कैन से यह भी पता लगाया जा सकता है कि आपको गाउट की समस्या है या नहीं।

    अल्ट्रासाउंड: यह तकनीक साउंड वेव का इस्तेमाल करके घुटने के अंदर और उसके आस-पास मौजूद सॉफ्ट टिशू की रियल टाइम इमेज निकालती है। आपका डॉक्टर विशिष्ट समस्याओं की जांच करने के लिए अल्ट्रासाउंड के दौरान अपने घुटने को विभिन्न पदों पर ले जाना चाह सकता है। हो सकता है कि आपका डॉक्टर अल्ट्रासाउंड के दौरान घुटने को अलग-अलग दिशाओं में मोड़े ताकी उसे समस्या का पता जड़ से चल सके।

    मैगनेटिक रेसोनेंस इमेजिंग (MRI): एसआरआई रेडियो वेव्स और ताकतवर चुंबक का इस्तेमाल कर, घुटने की थ्री डी इमेज बनाता है। एमआइआई यह देखने के लिए किया जाता कि आपके सॉफ्ट टिशूज़ में लिगामेंट, टेंडम, कार्टिलेज जैसी चोट है की नहीं।

    लैब टेस्ट

    अगर डॉक्टर आपके डॉक्टर को इमेजिंग टेस्ट में यह पता चलता है कि घुटने में इंफेक्शन या सूजन है तो वह आपको ब्लड टेस्ट या अर्थोसेंटेसिस एक ऐसी प्रक्रिया जिसमें सुई की मदद से आपकी घुटने के जोड़ से थोड़ा सा तरल पद्धार्थ लिया जाता है और परीक्षण करने के लिए लैब भेजा जाता है, की सलाह देते हैं।

    घुटनों के दर्द का इलाज (Knee pain treatment in hindi)

    घुटनों के दर्द का इलाज, दर्द किस वजह से हो रहा है इस बात पर निर्भर करता है।

    दवाइयों से घुटने के दर्द (knee pain treatment in hindi) का इलाज घुटनों के दर्द से राहत पाने के लिए डॉक्टर आपको कुछ दवाइयां लिख सकता है। घुटनों में होने वाला दर्द गठिया या गाउट जैसी बीमारी की वजह से हो सकता।

    थेरेपी

    घुटने के आस-पास मौजूद मांसपेशियों को मजबूत करने से आपको राहत मिल सकती है। जिस वजह से दर्द हो रहा है उस कारण को देखते हुए डॉक्टर आपको फिज़िकल थेरेपी या अलग-अलग तरह के व्यायाम करने की सलाह दे सकता है।

    अगर आप नियमित रूप से शारीरिक तौर पर एक्टिव हैं या किसी तरह का खेल खेलते हैं तो हो सकता है आपको अपने पैर या हाथ हिलाने के तरीकों को अलग-अलग तरह की एक्सरसाइज़ कर के सही करने की ज़रूरत हो सकती है। कई बार गलत तरह से किया गया व्यायाम या शारीरिक गतिविधियां भी घुटने के दर्द के लिए ज़िम्मेदार हो सकती है। शरीर के लचीलेपन और संतुलन को सही करने के लिए भी एक्सरसाइज़ करना ज़रूर है।

    इंजेक्शंस

    कुछ मामलों में डॉक्टर्स दवाईयों या अन्य पदार्थों को इंजेक्शन द्वारा देकर दर्द (knee pain treatment in hindi) से राहत देता है। इनमें निम्नलिखित शामिल हैं:

    Knee pain injection. Knee pain treatment in hindi

    कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स: कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स इंजेक्शन भरकर घुटनों के जोड़ो में दिया जाता है। ऐसा करने से गठिया में होने वाले लक्षण और दर्द कम हो जाता है। हालांकि यह इंजेक्शंस हर केस में असरदार नहीं होते हैं।

    हाईऐल्युरोनिक एसिड: यह एक ऐसा ऐसिड है जो घुटनों में पाए जाने वाले ल्यूब्रिकेट के जैसा होता है। घुटने में दर्द होने या अकड़न आने पर इसे इंजेक्शन के ज़रिए दिया जाता है। ऐसा करने से दर्द में राहत मिलती है और घुटने से जुड़ी हुई गतिविधियां करने में आसानी होती है। हालांकि इलाज के इस तरीके को लेकर कई तरह के अध्यन किए गए हैं और हर एक में इसके असर का स्तर अलग-अलग है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस इंजेक्शन के एक या कई शॉट्स के बाद इसका असर 6 महीनों तक रह सकता है।

    प्लेटलेट रिच प्लाज़्मा:पीआरपी में अलग-अलग  ग्रोथ फैक्टर्स  के कंसेन्ट्रशन होते हैं जो सूजन को कम करने और जल्द से जल्द आराम पहुंचाने में मदद करते हैं। कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि पीआरपी ऑस्टियोआर्थराइटिस में लाभ पहुंचा सकता है, लेकिन इस बात को साबित करने के लिए अधिक अध्ययन की आवश्यकता है।

    घुटने दर्द के इलाज के लिए सर्जरी (Knee pain surgery)

    Knee pain surgery. knee pain treatment in hindi

    घुटने या जोड़ संबंधित कुछ मामलों में कुछ केस ऐसे होते हैं जिसमें सर्जरी की ज़रूरत होती है। हालांकि सर्जरी जैसे फैसले को लेने से पहले आपको अपने डॉक्टर से सर्जरी के अलावा उपलब्ध विकल्प के बारे में भी पूछना चाहिए। अगर आपके समस्या का हल सर्जरी से ही निकल रहा है तो डॉक्टर आपको निम्नलिखित सर्जरी के विक्लप दे सकता है। 

    • ऑर्थोस्कोपिक सर्जरी
    • पार्शियल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी
    • टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी
    • ऑस्टियोटोमी

    अगर आपको जोड़ों या घुटनों में दर्द है तो चिंता ना करें। आप 88569-88569 पर अपनी समस्या हमारे डॉक्टर को बता सकते हैं और उनसे घर बैठे सही सलाह ले सकते हैं। आपकी परेशानी बड़ी है और अगर उसे ठीक करने के लिए सर्जरी की ज़रूरत है तो उजाला सिग्नस अस्पताल उसकी सुविधा भी देता है। आप हमारे 14 अस्पतालों में जाकर अनुभवी डॉक्टर से मिल सकते हैं। हमारी सुविधाओं और मौजूद अस्पतालों के बारे में जानने के लिए आप 88569-88569 पर कॉल कर सकते हैं। 

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