पुरूषों में ही क्यों होता है प्रोस्टेट कैंसर? जानें इसके प्रकार, लक्षण और इलाज

पुरूषों में ही क्यों होता है प्रोस्टेट कैंसर? जानें इसके प्रकार, लक्षण और इलाज

    Prostate cancer: प्रोस्‍टेट कैंसर एक ऐसी बीमारी है जो ज्यादातर पुरूषों को ही प्रभावित करती है। जिस प्रकार से स्तन कैंसर केवल महिलाओं को प्रभावित करता है उसी प्रकार से प्रोस्टेट कैंसर को पुरूषों में होने वाली बीमारी के नाम से जाना जाता है। उम्र बढ़ने के साथ साथ पुरूषों में प्रोस्‍टेट कैंसर के होने की संभावनाएं और अधिक बढ़ जाती हैं। प्रोस्टेट कैंसर को अनुवांशिक रोग भी कहा जा सकता है। 

    प्रोस्टेट कैंसर के प्रकार 

    प्रोस्टेट कैंसर के कई प्रकार हैं जैसे- 

    1.एकिनार एडेनोकार्सिनोमा

    एडेनोकार्सिनोमा प्रोस्टेट कैंसर का वो प्रकार है जो ग्रंथि की कोशिकाओं में विकसित होते हैं, औऱ ये प्रोस्टेट ग्रंथि की रेखा को प्रभावित करते हैं। 

    2. डक्टल एडेनोकार्सिनोमा

    डक्टल एडेनोकार्सिनोमा उन कोशिकाओं को प्रभावित करता है जो प्रोस्टेट ग्रंथि के नलिकाओं जिसे हम ट्यूब कहते हैं। ये एसिनर एडेनोकार्सिनोमा की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ने वाला कैंसर माना गया है। 

    3. यूरोटेलियल कैंसर

    प्रोस्टेट एक ऐसा संक्रमण है जो आसानी से पूरे शरीर में फैलता है, यूरोटेलियल कैंसर उन कोशिकाओं में शुरू होता है जो पेशाब की नली को प्रभावित करता है। यूरोटेलियल कैंसर आमतौर पर मूत्राशय यानि मूत्रमार्ग में शुरू होता है और फिर प्रोस्टेट में फैलने लगता है। ये कभी भी सीधे प्रोस्टेट में शुरू नहीं होता है। 

    4. स्क्वैमस सेल कैंसर

    ये कैंसर प्रोस्टेट को कवर करने वाली फ्लैट कोशिकाओं से विकसित होता है। ये एडेनोकार्सिनोमा की तुलना में बहुत जल्दी फैलता है, इस कैंसर में व्यक्ति को अन्य कैंसर की तुलना में ज्यादा परेशानी होती है। 

    5.स्मॉल सेल 

    छोटे सेल का प्रोस्टेट कैंसर छोटे गोल कोशिकाओं से बनना शुरू होता है जिसे आमतौर पर न्यूरोएंडोक्राइन कैंसर भी कहते हैं। 

    प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण (prostate cancer symptoms)

    प्रोस्टेट कैंसर की कोशिकाएं केवल पुरुषों में ही बनती हैं, प्रोस्टेट कैंसर पेशाब की नली के चारों तरफ फैल जाती है, अगर सही समय पर इसके लक्षणों पर ध्यान देकर इसका इलाज ना करवाया गया तो इससे पीड़ित व्यक्ति की जान भी जा सकती है। प्रोस्टेट कैंसर के निम्न लक्षण हैं- 

    1.पेशाब करने में परेशानी

    प्रोस्टेट कैंसर के मरीज़ों को पेशाब करने में काफी तकलीफ होती है। इसके अलावा रात में हर थोड़ी थोड़ी देर में पेशाब करने की इक्छा होना, पेशाब करने के बाद भी ऐसा लगना जैसे पेशाब ना निकला हो तो ये सभी प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण हैं। इसके अलावा कभी कभी पेशाब के साथ खून भी निकलने लगता है। 

    2. शरीर का रंग बदलना

    प्रोस्टेट कैंसर में मरीज के शरीर के कुछ भाग का रंग बदलने लगता है, इस स्थिति में शरीर का कोई हिस्सा काला या सांवला होने लगता है, ऐसे में तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

    3. शरीर में दर्द रहना

    बिना किसी काम के ही लगातार शरीर के किसी भी हिस्से में दर्द हो रहा है, या पीठ में दर्द रहता है तो इस लक्षण को कभी भी नजरअंदाज ना करें। 

    4. वजन कम होना

    प्रोस्टेट कैंसर के मरीज़ों का वजन लगातार कम होने लगता है। पीड़ित व्यक्ति की भूख खत्म हो जाती है, और खाने में से बदबू आने लगती है। 

    5.पाचन में गड़बड़ी

    जब पाचन क्रिया सही ढंग से काम नहीं करती है तो ये स्थिति भी प्रोस्टेट कैंसर की तरफ इशारा करती है। इस दैरान व्यक्ति के शरीर में बीमारियों से लड़ने की शक्ति कम हो जाती है। 

    प्रोस्टेट कैंसर के इलाज (prostate cancer treatment)

    कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसका नाम ही मरीज की जान निकालने के लिए काफी है, क्योंकि ये एक ऐसा रोग है जिसका इलाज बहुत कम जगहों पर होता है और जहां कहीं भी इसका इलाज होता है वो काफी ज्यादा महंगे होते हैं। प्रोस्टेट कैंसर का इलाज चरणों में किया जाता है, आपका इलाज किस तरह से होगा ये आपके कैंसर के स्टेज पर निर्भर करता है, फिर भी प्रोस्टेट कैंसर को निम्न तरीकों से ठीक किया जाता है जैसे- 

    1.अर्ली स्टेज

    इस स्टेज में प्रोस्टेट कैंसर को तीन प्रकार से ठीक किया जाता है, इसमें सर्जरी, रेडिएशन (prostate cancer treatment radiation) , या एंड्रोजन डिप्राईवेशन थैरेपी से कैंसर का इलाज किया जाता है। इसके अलावा एंड्रोजन डिप्राईवेशन थेरेपी में टेस्टेस्टेरॉन नामक हॉर्मोन को कंट्रोल करके प्रोस्टेट कैंसर को फैलने से रोका (how to avoid prostate cancer) जाता है। 

    2.एडवांस्ड स्टेज

    इस स्टेज में कैंसर क्यूरेबल नहीं रहता है, लेकिन कैंसर को कंट्रोल करके हम लाइफ को बढ़ा सकते हैं। एडवांस्ड स्टेज में भी कैंसर को रेडिएशन, कीमोथेरेपी या एंड्रोजन डिप्राईवेशन थैरेपी से कंट्रोल किया जाता है। 

    उजाला सिग्नस हेल्थकेयर ग्रुप के  13 अस्पताल हैं जो रेवाड़ी, सोनीपत, पानीपत, कुरक्षेत्र, कैथल, बहादुरगढ़, करनाल, कानपुर, वाराणसी, काशीपुर,  दिल्ली के नांगलोई, दिल्ली के रामा विहार में स्थित हैं। किसी भी प्रकार की बीमारी का इलाज करवाने के लिए आप अपने नज़दीकी उजाला सिग्नस अस्पताल में अपॉइंटमेंट बुक करवा सकते हैं। इसके अलावा, फ़ोन के ज़रिये मुफ्त परामर्श लेने के लिए आप 8010396396 पर मिस्ड कॉल दे सकते हैं।

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