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क्यों आता है हार्ट अटैक? जानें कारण, लक्षण और इलाज

क्यों आता है हार्ट अटैक? जानें कारण, लक्षण और इलाज

    इन दिनों अधिकांश लोगों की मौत हार्ट अटैक से ही हो रही है हार्ट अटैक एक ऐसी समस्या है जिसकी वजह से लोगों को अपनी जिंदगी से हाथ धोना पड़ता है। एक शोध के अनुसार पाया गया है कि, भारत में हर साल 15% लोगों की मौत केवल हार्ट अटैक के कारण ही होती है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि लोगों को यह भी नहीं पता लगता कि हार्ट अटैक के लक्षण क्या है,  जिसके कारण उनकी मौत हो जाती है।

    हार्ट अटैक क्या है? (What is heart attack)

    डॉक्टर का कहना है कि जब दिल में खून की आपूर्ति कम हो जाती है तो मांसपेशियां खराब होने लगती हैं, ऐसे में हार्ट अटैक का खतरा सबसे ज्यादा बढ़ जाता है। दिल में हो रही है खून की कमी क्लोन्ट्स से दिल की मांसपेशियों को ब्लॉक कर देता है जिसके कारण मांसपेशियां काम नहीं कर पाती हैं और व्यक्ति के सीने में दर्द होता है और इसी स्थिति को हार्टअटैक कहते हैं 

    हार्ट अटैक के कारण (Causes of Heart Attack)

    Heart attack symptoms in Hindi: आमतौर पर कहा जाता है कि दिल में खून के बहाव और खून के संचालन की कमी के कारण हार्ट अटैक आता है लेकिन इसके अलावा भी हार्ट अटैक के कई कारण हैं जैसे- 

    1.आनुवांशिकता

    अनुवांशिक कारणों से भी हार्ट अटैक का खतरा रहता है। अगर आपके घर में पहले किसी की मृत्यु हार्ट अटैक से हुई है तो आपको भी यह समस्या आसानी से हो सकती है।

     2.मोटापा

    वजन ज्यादा होने के कारण भी दिल का दौरा पड़ सकता है, क्योंकि जिस व्यक्ति का वजन ज्यादा होता है उसके दिल पर जोर पड़ता है जिसके कारण हार्ट अटैक जैसी परेशानी हो सकती है।

    3.मानसिक तनाव

    मानसिक तनाव हार्ट अटैक का सबसे बड़ा कारण है, जो लोग ज्यादा चिंतन करते हैं या तनाव से गुजर रहे होते हैं उन्हें दिल के दौरे जैसे जोखिम का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा उच्च केलोस्ट्रोल शरीर की निष्क्रियता और डायबिटीज के रोगियों को भी हार्ट अटैक हो सकता है।

    हार्ट अटैक के लक्षण (Symptoms of Heart Attack)

    Heart attack symptoms: हार्ट अटैक एक ऐसी स्थिति है जो अचानक से आती है और लोगों को इसका पता भी नहीं लगता। लेकिन अगर आप थोड़ा भी ध्यान दें तो हार्ट अटैक के लक्षणों को पहचान सकते हैं और इससे बचा जा सकता है।

    1.सहजता महसूस होना

    सीने में असहजता जैसे जलन दबाव और बेचैनी महसूस होना हार्ट अटैक के लक्षण हैं। अगर आपको कभी भी ऐसा महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

    2.शरीर के अंगों में सूजन

    जब दिल शरीर के अंगों में खून नहीं पहुंचा पाता है या उसे खून पहुंचाने के लिए और अधिक मेहनत करनी पड़ती है तो इससे शरीर के आंतरिक अंग में सूजन आने लगती है। इसका खास तौर पर असर पैरों के पंजों में देखने को मिलता है। इसके अलावा कभी-कभी होठों की सतह भी नीली हो जाती है।

    3.थकान लगना

    अगर आपको बिना किसी काम के ही थकान महसूस हो तो यह हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है जब-जब ह्रदय ध्वनियां कोलेस्ट्रोल के कारण बंद या संकुचित हो जाती हैं तब दिल को अधिक मेहनत करना पड़ता है जिसके कारण व्यक्ति को थकान महसूस होती है और यह ऐसी स्थिति होती है जब पूरे दिन आराम करने के बाद भी व्यक्ति में सुस्ती रहती है और नींद आती रहती है। अगर आपको ऐसा कुछ महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें इसे नजरअंदाज ना करें।

    4.चक्कर आना

    जब दिल कमजोर हो जाता है तो वह रक्त का संचार करने में धीरे-धीरे और असफल हो जाता है ऐसे में दिमाग के पास ऑक्सीजन नहीं पहुंच पता जिसकी वजह से हमेशा खड़े होने पर चक्कर जैसा लगता है। यह हार्ट अटैक के गंभीर लक्षणों में से एक है।

    5.सर्दी जुखाम बने रहना

    सर्दी जुखाम एक आम बीमारी है लेकिन अगर यह लंबे समय तक बनी रहे तो इससे हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है, इसके अलावा सांस ना आना भी हार्ट अटैक के लक्षणों में से एक है। 

    हार्ट अटैक का इलाज (Heart Attack Treatment)

    हार्ट अटैक एक ऐसी स्थिति है कि इस दौरान अगर कोई ट्रीटमेंट ना किया जाए तो मरीज की जान भी जा सकती है। इसके अलावा कुछ लोगों की ये भी मानसिकता है कि एक बार जिस व्यक्ति को हार्ट अटैक आ जाए तो उसका बचना मुश्किल है, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है, हार्ट अटैक चाहे पहली बार आए या दूसरी बार इसका इलाज संभव है।  

    1.दवाइयों का सेवन

    अचानक हार्ट अटैक आने पर डॉक्टर इसे कंट्रोल करने के लिए ब्लड प्रेशर और डायबिटीज आदि की दवाई देते हैं, जिससे हार्ट अटैक की संभावना घटने लगती है। 

    2.ईसीजी

    हार्ट अटैक में ईसीजी को बहुत कारगर माना जाता है, इस टेस्ट के जरिए दिल की धड़कनों की स्थिति का पता लगाया जाता है, जब हार्ट की स्थिति में गड़बड़ी होती है तो उसके हिसाब से इलाज करवाया जाता है। 

    3.दर्द निवारक दवाइयों का इस्तेमाल

    हार्ट अटैक के दौरान लोगों के सीने में दर्द होता है इसके लिए कई प्रकार के दर्द निवारक दवाइयां दी जाती है जिससे पीड़ित व्यक्ति को दर्द से आराम मिल जाए।

    4. पेसमेकर 

    हार्ट अटैक में पेसमेकर को बहुत काम का इलाज माना जाता है। पेसमेकर के द्वारा दिल की धड़कनों को नियमित किया जाता है जिससे हार्ट अटैक का खतरा कम हो जाए और व्यक्ति को सहज महसूस होने लगे। 

    5.सर्जरी

    हार्ट अटैक के बाद जो व्यक्ति किसी भी तरह के ट्रीटमेंट से ठीक नहीं हो पाता है तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर हार्ट सर्जरी का सुझाव देते हैं इस सर्जरी द्वारा दिल का इलाज किया जाता है जिससे मरीज को नई जिंदगी मिलती है।

    अगर आप हार्ट अटैक या कोई भी गम्भीर बीमारी से पीड़ित हैं तो ऐसे में आप अपने आसपास स्थिति Ujala Cyguns अस्पताल जाकर बेस्ट डॉक्टरर्स की निगरानी में इलाज करवा सकते हैं। 

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