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क्या हैं पेशाब में शुगर के लक्षण?

क्या हैं पेशाब में शुगर के लक्षण?

    डायबिटीज को लोग एक लाइलाज बीमारी की तरह देखते हैं लोगों का मानना है कि ये एक ऐसी बीमारी है जिसका जड़ से इलाज असंभव है इसे केवल कंट्रोल ही किया जा सकता है खत्म नहीं। आपको बता दें कि डायबिटीज यानी मधुमेह एक ऐसी बीमारी है जो शरीर के भीतर इंसुलिन की मात्रा में कमी की वजह से होती है। इंसुलिन एक ऐसा पदार्थ है जो शरीर के भीतर शुगर की मात्रा को नियंत्रित करके रखता है और इसमें कमी की वजह से डायबिटीज रोग लग सकता है। अक्सर डायबिटीज 35 साल की उम्र के बाद ही देखने को मिलता है या किसी गंभीर बीमारी जैसे थायराइड, प्रेगनेंसी या लीवर आदि की समस्या से जूझ रहे व्यक्ति को भी डायबिटीज आसानी से हो सकता है। आज इस लेख में हम पेशाब में शुगर के लक्षण के बारे में विस्तार से जानेंगे।

    पेशाब में शुगर के लक्षण

    आपको बता दें कि डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसके लक्षण शुरुआत में ही दिखने लगते हैं,। जब भी कोई व्यक्ति डायबिटीज का शिकार होता है तो वह हर छोटी मोटी शारीरिक परेशानियों से जूझने लगता है। ऐसे में व्यक्ति जब पेशाब में शुगर के लक्षण कोजरअंदाज कर देता है तो खून में शुगर की मात्रा बढ़ने लगती है। इस वजह से पीड़ित व्यक्ति का शरीर बीमारियों का घर बन जाता है। आपको बता दें कि पेशाब में शुगर के लक्षण कई तरह के हैं।

    1.बार-बार पेशाब लगना

    अगर किसी व्यक्ति को बार बार पेशाब लग रही है तो उसे समझ जाना चाहिए कि वो डायबिटीज से पीड़ित है। डायबिटीज होने पर पीड़ित व्यक्ति के शरीर का यूरिन जरूरत से ज्यादा बढ़ जाता है। डॉक्टर के अनुसार यह बढ़ोतरी 8 से 10% तक हो जाती है जिसकी वजह से पीड़ित व्यक्ति को बार बार पेशाब लगती है। इसलिए अगर आपको ऐसे लक्षण महसूस हो तो जल्द से जल्द टेस्ट करा कर डॉक्टर से संपर्क में रहे क्योंकि यूरिन में गड़बड़ी सीधा किडनी को प्रभावित करती है और किडनी की कार्यक्षमता में गिरावट आ जाती है। ऐसा होने पर शरीर के बाकी अंगों को नुकसान पहुंच सकता है।

    2.अनियंत्रित वज़न

    डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति का वजन अचानक से बढ़ने और घटने लगता है डॉक्टर्स की मानें तो यह पेशाब में शुगर के लक्षण में सबसे आम है। इसके साथ ही पीड़ित व्यक्ति पूरा दिन अस्वस्थ रहता है और उसे थकावट महसूस होती है इसलिए अगर आपको लगे कि आपका वजन अचानक ही अनियंत्रित हो रहा है तो जल्द से जल्द अपना यूरिन टेस्ट करवाएं।

    3.बार-बार भूख लगना

    अगर आप टाइम टेबल और खाने-पीने का समय फॉलो करते हैं और अचानक ही आपको बार बार भूख लगने लग जाए तो समझ जाए की आपके यूरिन में डायबिटीज है। पेशाब में शुगर के लक्षण हों तो बार बार भूख लगती है इसलिए भूख में कमी आने पर या भूख अधिक बढ़ जाने पर डॉक्टर से संपर्क करें किसी भी तरह की लापरवाही करना शरीर के लिए खतरनाक हो सकता है।

    4.शरीर में झुनझुनी होना

    पेशाब में शुगर के लक्षण है तो व्यक्ति के हाथ पैरों में झनझनाहट महसूस होती है। इसके अलावा कंधे, जोड़ों व गर्दन में अकड़न भी महसूस हो सकती है यह सभी पेशाब में शुगर के लक्षण हैं जिसे नजरअंदाज बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए, इसके अलावा इस बीमारी में पीड़ित व्यक्ति की नजर भी धीरे-धीरे कमजोर होने लग जाती है।

    5.बार-बार प्यास लगना

    शायद आपको जानकर हैरानी हो लेकिन सर्दी हो चाहे गर्मी बार-बार प्यास लगना और लगातार पानी पीने पर भी प्यास का ना बुझना यूरिन में शुगर की मात्रा बढ़ने के लक्षण हैं। शरीर में यूरिन बढ़ने पर बार-बार प्यास लगने लगती है पीड़ित व्यक्ति खूब पानी पीता है जिसकी वजह से बार-बार बाथरूम भी जाना पड़ता है

    6.घाव ठीक ना होना

    अक्सर नॉर्मल चोट लगने पर उपचार के बाद कुछ ही दिन में घाव भरने लग जाते हैं लेकिन डायबिटीज से पीड़ित रोगियों के साथ ऐसा नहीं होता अगर आपके पेशाब में डायबिटीज है या शुगर की मात्रा अधिक है तो उसकी वजह से आपके घाव और नॉर्मल चोट भी जल्दी ठीक नहीं होंगे और लंबे समय तक ज्यों का त्यों बना रहेगा। इसके अलावा शुगर लेवल बढ़ने पर हाथ पैरों व चेहरे पर फोड़े फुंसी भी दिखने लगते हैं।

    7.डार्क सर्कल होना

    वैसे तो डार्क सर्कल टेंशन, परेशानी, बीमारी और नींद पूरी न होने की वजह से भी होते हैं लेकिन शायद आपको जानकर हैरानी होगी कि डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति को भी डाक सर्कल और डार्क पैचेस होते हैं। यूरिन साफ ना होने पर या यूरिन में शुगर की मात्रा बढ़ जाने से पीड़ित व्यक्ति की त्वचा, गर्दनज़,कोहनी व घुटने के भाग पर डार्क पैचेस होने लगते हैं और कालापन दिखने लगता है। इसके अलावा परेशानी अधिक बढ़ जाने से पीड़ित व्यक्ति को सुनने में भी दिक्कत होने लगती है। क्योंकि डायबिटीज जरूरत से ज्यादा बढ़ने से व्यक्ति के कानों की साइज डैमेज होने लग जाते हैं जिसकी वजह से उसको सुनने में कठिनाई महसूस होती है।

    पेशाब में शुगर होने के कारण

    आपको बता दें कि हमारे शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा इंसुलिन हार्मोन ही नियंत्रित करता है और जब यह इंसुलिन हार्मोन का स्त्राव कम या बंद कर देता है तो शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा अनियंत्रित होने लगती है जिसकी वजह से डायबिटीज या पेशाब में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है। इसके अलावा आवश्यकता से अधिक वजन, जीवनशैली का नियंत्रित होना, खानपान में लापरवाही, आलस और लाइफस्टाइल में बदलाव की वजह से भी डायबिटीज रोग हो सकता है क्योंकि इन सभी परेशानियों से पैंक्रियाज पर बुरा असर पड़ता है जिसकी वजह से यह काम करना बंद या कम कर देता है और डायबिटीज रोग को जन्म ले लेता है।

    आपको यह भी बता दें कि कई बार शुगर होने का कारण अनुवांशिक भी होता है अगर आपके परिवार में माता-पिता को डायबिटीज है तो बच्चों में भी यह बेहद आसानी से ट्रांसफर हो जाता है इसके साथ ही गर्भावस्था में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं जिसकी वजह से शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ने लगती है और बाद में यह डायबिटीज का रूप ले लेती है।

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