Typhoid Symptoms Typhoid Symptoms: टाइफाइड के कारण, लक्षण और इलाज।
For Teleconsultation

Typhoid Symptoms: बुखार ही नहीं, थकान भी है टाइफाइड के लक्षण

Typhoid Symptoms: बुखार ही नहीं, थकान भी है टाइफाइड के लक्षण

typhoid

    टायफाइड (Typhoid Symptoms) काफी गंभीर बीमारी है, ये अक्सर पाचन तंत्र और बल्डस्ट्रीम में बैक्टीरिया के इंफेक्शन की वजह से होता है। टाइफाइड (typhoid) का बुखार पानी और फूड से होने वाले इनफेक्शन के कारण भी होता है। दरअसल गंदे पानी में सलोमोनेला टाइफी नाम का बैक्ट्रीरियां (bacteria) पाया जाता है जिसके शरीर के भीतर प्रवेश करने के कारण पाचन तंत्र प्रभावित होता है और ये टाइफाइड का रूप ले लेता है। ये बीमारी किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है आमतौर पर बच्चे टाइफाइड के शिकार जल्दी होते हैं। 

    टाइफाइड कैसे होता है? (What is typhoid?)

    टाइफाइड की चपेट में आप तब आते हैं जब आप गंदे पानी और खराब भोजन का सेवन कर लेते हैं। इससे सलोमोनेला टाइफी बैक्ट्रीरिया (typhoid bacteria) शरीर के भीतर चला जाता है और पाचन तंत्र पर हमला करता है। वैसे तो टाइफाइड आजकल काफी आम बीमारी है लेकिन अगर शुरूआत में इसपर ध्यान ना दिया जाए तो पीड़ित व्यक्ति की जान भी जा सकती है। टाइफाइड (typhoid fever)  में मरीज को बुखार आता है जो कई दिनों तक उतरता-चढ़ता रहता है, इसिलए इसके लक्षणों को पहचानना काफी आसान है। 

    टाइफाइड के लक्षण (Typhoid Symptoms)

    टाइफाइड के लक्षण एक सप्ताह के अंदर ही नज़र आने लगते हैं। इसका सबसे आम लक्षण है बुखार आना। अगर आपको बीते हफ्ते से लगातार बुखार आ रहा है तो ये टाइफाइड (typhoid) के खतरे का संकेत है। इसके अलावा भी टाइफाइड होने पर कई तरह के लक्षण दिखाई देते हैं जैसे- 

    1.पेट खराब होना 

    जैसा की हमने ऊपर बताया टायफाइड सीधा पाचन तंत्र पर हमला करता है, जिससे पेट में तेज़ दर्द की समस्या होने लगती है। अक्सर जब बच्चे टाइफाइड के शिकार (typhoid causes) होते हैं तो पाचन तंत्र खराब होने के कारण उन्हे पेट दर्द के साथ-साथ दस्त भी लगता है। ये लक्षण बड़ों में भी नज़र आ सकते हैं

    2.तेज बुखार

    टाइफाइड का सबसे शुरूआती लक्षण (typhoid fever symptoms in hindi) है बुखार आना। ये बीमारी हल्‍के बुखार से शुरू होकर बाद में तेज बुखार तक पहुंत जाती है। टाइफाइड का बुखार समय-समय पर होता रहता है जो उतरने में काफी समय लेता है। 

    3.भूख में कमी

    टाइफाइड होने पर पाचन तंत्र प्रभावित होता है जिसकी वजह (typhoid causes) से भूख में कमी हो जाती है और पीड़ित व्यक्ति का खाने से मन हटने लगता है। बच्‍चों की बात करें तो बच्चों को गले में खराश महसूस होती है और वो खाने में स्वाद ना आने जैसे लक्षण महसूस करते हैं। 

    4.वजन कम होना 

    वैसे तो वजन कम कई कारणों से होता है लेकिन अगर आपको बुखार के साथ-साथ वजन कम होता हुआ भी दिखाई दे तो लापरवाही ना करें। जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर से सलाह (typhoid treatment) लें, क्योंकि देर होने पर वजन कम होने के साथ-साथ पेट में सूजन की समस्या भी हो सकती है। 

    5.थकान

    टाइफाइड में पीड़ित व्यक्ति काफी कमज़ोर हो जाता है (typhoid causes) और उसे हमेशा थकान महसूस होती है, क्योंकि बुखार के कारण पीड़ित व्यक्ति का शरीर टूट जाता है और पीड़ित व्यक्ति को कमजोरी, थकान और शरीर में दर्द महसूस होता है। इसके अलावा त्‍वचा पर रैश और गुलाबी धब्‍बे होना भी टाइफाइड के ही लक्षण हैं।

    ये भी पढ़ें- टाइफॉयड के बुखार में करें इन 5 चीजों का सेवन, तुरंत मिलेगा आराम 

    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) 

    टायफाइड को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल आते हैं, इन्ही में से कुछ ज़रूरी सवालों के ज़वाब नीचे दिए गए हैं- 

    1.टाइफाइड में कौन सी दवा लेनी चाहिए?

    XDR टाइफाइड बुखार के इलाज (typhoid fever medicine) के लिए इस्तेमाल में लाई जाती है। लेकिन ये दवाइयां खुद से ना खरीदें जबतक डॉक्टर सलाह नहीं देते हैं। डॉक्टर से FREE सलाह के लिए आप 88569-88569 पर कॉल कर सकते हैं। 

    2.टाइफाइड का असर कितने दिन तक रहता है?

    डाइफाइड का बुखार (typhoid fever) अक्सर 104 तक रहता है इसलिए इसे ठीक होने में 2 से 3 दिन लग जाते हैं। लेकिन अगर आप सावधानी रखते हैं और समय पर सभी दवाइयां लेते हैं तो ये समय से पहले भी ठीक हो सकता है। 

    3.टाइफाइड में कौन सा जूस पीना चाहिए?

    अगर आप टाइफाइड के शिकार हैं तो ऐसे में रोजाना अदरक और सेब का जूस पीना (food to eat during typhoid )  चाहिए। अदरक और सेब के जूस इंफेक्शन के असर को घटाते हैं। इसके लिए एक कप हल्के गर्म पानी में 2 से 3 चम्मच शहद मिलाकर पिएं।

    4.टाइफाइड में पानी कितना पीना चाहिए?

    एक स्वस्थ व्यक्ति को भी दिन में ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए, लेकिन अगर आपको टाइफाइड (typhoid) का बुखार है तो इस स्थिति में कम से कम तीन लीटर पानी पीना बहुत जरूरी है। इसके अलावा जूस पीना भी फायदेमंद होगा। 

    5.बुखार में ठंड लगे तो क्या करें?

    अगर आपको तेज बुखार है या ठंड लग रही है तो जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर से सलाह लें। ये डाइफाइड के साथ-साथ मलेरिया के भी लक्षण हो सकते हैं। 

    यदि आप डाइफाइड रोग से पीड़ित हैं तो नीचे दिए गए फॉर्म को भरें और हमारे डॉक्टर से सीधा संपर्क करें। इसके अलावा आप 88569-88569 पर कॉल करके भी एक्सपर्ट्स से FREE सलाह पा सकते हैंआप अपने नज़दीकी उजाला सिग्नस अस्पताल में अपना बेहतर और किफायती इलाज भी करवा सकते हैं। हमारे अस्पताल हल्द्वानी, आग-ज976रा, कुरुक्षेत्र, पानीपथ, सोनीपथ, करनाल, कैथल, काशीपुर, दिल्ली, रेवाड़ी, वाराणसी, बहादुरगढ़ और कानपुर में मौजूद है।

    Your Comments

      Related Blogs

      Nangloi : 8750060177

      Sonipat : 0130-2213088

      Panipat : 0180-4015877

      Karnal : 0184-4020454

      Safdarjung : 011-42505050

      Bahadurgarh : 01276-236666

      Kurukshetra : 01744-270567

      Kaithal : 9996117722

      Rama Vihar : 9999655255

      Kashipur :7900708080

      Rewari : 01274-258556

      Varanasi : 7080602222