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पीलिया के लक्षण (Symptoms of Jaundice), कारण और उपचार

पीलिया के लक्षण (Symptoms of Jaundice), कारण और उपचार

Symptoms of Jaundice: पीलिया रोग के 5 बड़े लक्षण

    शरीर में बिलीरुबिन (bilirubin) का लेवल बढ़ जाने की वजह से त्वचा, नाखून और आंखों के सफेद हिस्सा का रंग पीला हो जाता है। शरीर में आए इस परिवर्तन को पीलिया (Jaundice) कहते हैं। पीलिया (Jaundice) एक सामान्य-सा दिखने वाला गंभीर रोग है। वहीं पीलिया (Jaundice) होने पर लिवर कमजोर होकर काम करना बंद कर देता है। ध्यान देने वाली बात है कि यदि पीलिया से पीड़ित व्यक्ति का समय पर इलाज नहीं हो तो उसको कई तरह की समस्याओं को झेलना पड़ सकता है। ऐसे में आइए जानते हैं पीलिया के लक्षण (Symptoms of Jaundice), पीलिया रोग के कारण और घरेलू उपचार- 

    पीलिया रोग क्या है? (What is jaundice?)

    पीलिया रोग क्या है? (What is jaundice?)

    वायरल हेपेटाइटिस या जॉन्डिस को आमतौर पर लोग पीलिया के नाम से जानते हैं। वहीं पीलिया (Jaundice) रोग बहुत ही सूक्ष्‍म विषाणु (वायरस) की वजह से होता है। शुरुआती दौर में पीलिया रोग धीमी गति से होने के अलावा मामूली होता है। वहीं जब इसके लक्षण दिखाई पडते हैं, तो रोगी की आंखे व नाखून पीले दिखाई देने लगते हैं।

    पीलिया रोग किसे हो सकता है?

    पीलिया एक ऐसा रोग है जो किसी भी उम्र के व्‍यक्ति को हो सकता है। हालांकि, पीलिया  रोग की गंभीरता रोगी की अवस्‍था पर निर्भर करती है। वहीं गर्भवती महिलाओं पर इस रोग के लक्षण बहुत ही ज्यादा दिखाई देता है और उन्हें यह ज्‍यादा समय तक कष्‍ट देता है। इसी तरह नवजात शिशुओं में भी यह बहुत ज्यादा प्रभावी होता है तथा जानलेवा भी हो सकता है।

    इसे भी पढ़ें- क्या होता है हेपेटाइटिस A, जानें कारण, लक्षण और इलाज

    पीलिया के लक्षण (Symptoms of Jaundice in Hindi)

    पीलिया होने पर ये लक्षण (Symptoms of Jaundice) हो सकते हैं-

    • नाखून, त्वचा और आंख का सफेद हिस्सा तेजी से पीला होने लगता है।
    • शरीर में मितली आना, पेट दर्द, भूख ना लगना और खाना ना हजम होना जैसे लक्षण भी दिखाई
    देते हैं।
    • पीड़ित व्यक्ति का वजन तेजी से घटना।
    • पीड़ित व्यक्ति का यूरिन गाढ़ा/पीला होना।
    • लगातार थकान महसूस होना।
    • भूख नहीं लगना।
    • पेट में दर्द होना।
    • बुखार बना रहना।
    • हाथों में खुजली होना।

    पीलिया के लक्षण (Symptoms of Jaundice in Hindi)

    इसके अलावा भी पीलिया रोग के लक्षण हो सकते हैं!
    पीलिया से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए 88569-88569 पर कॉल करें और पाएं डॉक्टर से FREE सलाह।

    पीलिया होने के कारण (Jaundice Causes)

    किसी भी व्यक्ति को पीलिया होने के कई कारण (Causes of Jaundice) हो सकते हैं-

    • हेपेटाइटिस
    • पैंक्रियाटिक कैंसर
    • बाइल डक्ट का बंद होना
    • एल्कोहल से संबधी लिवर की बीमारी
    • दूषित वस्तुएं और गंदा पानी पीने से।
    • कुछ दवाओं के चलते भी यह समस्या हो सकती है।

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    इसे भी पढ़ें- पीलिया रोगी में दिख रहे हैं ये चौकाने वाले लक्षण, आप भी हो जाएं सावधान

    पीलिया रोग के उपचार (Jaundice Treatment)

    यदि कोई व्यक्ति पीलिया रोग से पीड़ित हैं, तो उसे पीलिया से छुटकारा पाने के लिए नीचे दिए गए उपाय को अपनाना चाहिए-

    • रोगी को जल्द से जल्द डॉक्‍टर के पास जाकर सलाह लेना चाहिए।
    • आराम ज्यादा से ज्यादा आराम करें।
    • कम से कम घूमना, फिरना बंद कर देना चाहिए।
    • डॉक्टर के संपर्क में रहना चाहिए।
    • डॉक्‍टर द्वारा बताए गए खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए।
    • नींबू, संतरे तथा अन्‍य फलों के रस का सेवन करें।

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    अकसर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

    1. पीलिया कितने प्रकार (type of jaundice) का होता है?

    पीलिया जिन वायरस से यह होता है उसके आधार पर मुख्‍यतः पीलिया तीन प्रकार का होता है वायरल हैपेटाइटिस ए, वायरल हैपेटाइटिस बी तथा वायरल हैपेटाइटिस नान ए व नान बी।

    2. पीलिया किसकी कमी से होता है?

    पीलिया एक ऐसा रोग है जो हेपेटाइटिस 'ए' या हेपेटाइटिस 'सी' वायरस की वजह से फैलता है। पीलिया शरीर के अनेक अंगों को अपना शिकार बनाता है और शरीर को बहुत नुकसान पहुंचाता है। इस रोग में पाचन तंत्र सही ढंग से काम नहीं करता है और शरीर का रंग पीला पड़ जाता है।
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    3. पीलिया का कौन सा टेस्ट होता है?

    वर्तमान समय में पीलिया की जांच के लिए टोटल सीरम बिलीरुबिन टेस्ट होता है। इसमें ब्लड सैंपल का नमूना लेने के बाद कम से कम 4 घंटे रिपोर्ट आने में लगते हैं। नवजात शिशुओं में हर 16 घंटे के बाद वह टेस्ट रिपीट किया जाता है ताकि उपचार के फायदे को देखा जा सके।

    सेहत से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए 88569-88569 पर कॉल करें और पाएं डॉक्टर से FREE सलाह। आप अपने नज़दीकी उजाला सिग्नस अस्पताल में अपना बेहतर और किफायती इलाज भी करवा सकते हैं। हमारे अस्पताल कानपुर, रेवाड़ी, काशीपुर, वाराणसी, सोनीपत, पानीपत, कुरुक्षेत्र, दिल्ली में नांगलोई और रामा विहार, कैथल, बहादुरगढ़, करनाल, मुरादाबाद, हल्द्वानी और आगरा में मौजूद हैं।

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