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World Heart Day 2021: 1 मिनट में जानें हार्ट अटैक के लक्षण

World Heart Day 2021: 1 मिनट में जानें हार्ट अटैक के लक्षण

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    हार्ट अटैक क्या है?

    आजकल की जीवनशैली की वजह से दिल का दौरा या हार्ट अटैक पड़ना आम बात हो गई है। कुछ साल पहले तक हार्ट अटैक ज़्यादतर 50 वर्ष से ऊपर के लोगों को आता था। लेकिन अब युवा भी इसका शिकार हो रहे हैं। हालांकि अधिकतर लोगों को इस बात की जानकारी नहीं है कि आखिर हार्ट अटैक क्यों आता है। दरअसल, जब आपके हृदय की मांसपेसी के एक हिस्से तक पर्याप्त मात्रा में खून नहीं पहुंच पाता तब यह स्थिति पैदा होती है। अगर ज़्यादा देर तक खून इलाज के ज़रिए नहीं पहुंचाया जाए तो हृदय की मांसपेशी उतनी ही खराब होती जाती है। कोरोनरी आर्टरी डिसीज़ हार्ट अटैक का मुख्य कारण होती है। हार्ट अटैक के अन्य कारणो में स्पैस्म, एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें आपके हृदय की मांसपेशियों में मरोड़ या ऐंठन होती है, भी शामिल है। आइए अब हम जानते हैं हार्ट अटैक के लक्षण के बारे में।

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    हार्ट अटैक सिम्पटम्स

    सिम्पटम्स ऑफ हार्ट अटैक के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

    • सीने में दर्द या असहजता: दिल का दौरे पड़ने के प्रारंभिक लक्षणों में सीने में दर्द या असहजता शामिल है। ज़्यादातर हार्ट अटैक के मामलों में सीने के बीच या बाई तरफ दर्द, जकड़न महसूस करते हैं जो एक मिनट से ज़्यादा देर तक रहती है। इसमें  मरीज़ को उलझन, सीने में दबाव, सिकुड़न और दर्द महसूस हो सकता है।
    • कमज़ोरी महसूस होना, चक्कर और पसीना आना भी हार्ट प्रॉब्लम के लक्षण में है। 
    • दिल का दौरा के लक्षण में जबड़े, गर्दन और पीठ में असहजता महसूस होना भी शामिल है।
    • हार्ट अटैक के लक्षण बताएं, इस प्रश्न में ज़्यादातर लोग दाई, बाई या दोनों बाहों या कंधों में दर्द होने का जवाब पाते हैं, जो की सच भी है  और यह सच भी है। अधिकतर लोगों को हार्ट अटैक के समय बाहों या कंधों पर दर्द होता है। 
    • हार्ट अटैक सिम्टपम्स इन हिंदी में सास न आना, सास फूलना भी शामिल है।
    • कुछ मामलों में हार्ट अटैक लक्षण में थकान, जी मिचलाना और उल्टी भी शामिल है। महिलाओं में हार्ट की प्रॉबल्म के लक्षण भी लगभग ऐसे ही होते हैं। महिलाओं में हार्ट अटैक आने के लक्षण के बारे में जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।
    • हार्ट अटैक अटैक आने से पहले भी कुछ लक्षण आपको सचेत कर सकते हैं। आसामान्य हार्ट बीट, कंधों या एड़ी में सूजन, हद से ज़्यादा पसीना आना, सिर में दर्द, लगातार खांसी, यह सब हार्ट अटैक से पहले के लक्षणों में शामिल है।

    यह भी पढ़ें: कोलेस्ट्रॉल कम करने के उपाय

    https://www.youtube.com/watch?v=cuNzlWmci0s&t=154s

    हार्ट अटैक के ज़ोखिम कारक क्या होते हैं?

    आप में से कई लोग हार्ट अटैक आने के लक्षण के साथ, इसके ज़ोखिम कारक के बारे में भी जानना चाहते हैं। तो मैं आपको बता दूं कि खराब जीवनशैली, आपकी उम्र, या आपके परिवार में पहले से किसी की दिल की बीमारी भी आपके हृदय संबंधित समस्याओं का कारण हो सकती है। यह सभी ज़ोखिम कारक कहलाते हैं। एक स्टडी के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रोल और धूम्रपान हार्ट अटैक आने के तीन मुख्य ज़ोखिम कारक हैं। ऊपर बताए गए ज़ोखिम कारकों में आपकी उम्र और परिवार में पहले से किसी को दिल संबंधित बीमारी रही हो तो उसे कंट्रोल नहीं किया जा सकता है लेकिन अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव करके आप अन्य कारकों को नियंत्रण में कर सकते हैं। अगर आप अपना खान-पान अच्छा रखते हैं, तनाव नहीं लेते और शारीरिक रूप में एक्टिव रहते हैं तो हार्ट अटैक सिम्पटम्स महसूस होने की संभावना कम हो जाती है।

    heart attack ke lakshan. हार्ट अटैक के लक्षण

    हार्ट अटैक आने के बाद कैसे सही करें अपना स्वास्थ्य?

    अगर आपको पहले दिल का दौरा पड़ चुका है या आप दिल के दौरे के लक्षण महसूस कर चुके हैं तो यह याद रखिए कि आपका दिल खराब हो चुका है। ऐसा होने पर आपके दिल की गति और इसके पूरे शरीर में खून पहुंचाने की क्षमता पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, एक बार दिल का दौरा लक्षण का सामना कर चुके हैं तो दूसका हार्ट अटैक या स्ट्रोक, किडनी संबंधित समस्याएं, और पेरिफेरल आर्टरियल डिसीज़ होने की संभावना बढ़ जाती है। 

    आप भविष्य में होने वाले हार्ट अटैक का लक्षण या हार्ट अटैक का सामना ना करना पड़े इसके लिए आप नीचे बताई गई बातों का ध्यान रख सकते हैं:

    शारीरिक गतिविधियां: हार्ट अटैक आने के बाद अपने डॉक्टर से संपर्क में रह सकते हैं और उन्हें अपने दिनचर्या के बार में सूचित कर सकते हैं। हो सकता है आपका डॉक्टर आपके कामों को, आने-जाने के समय को, शारीरिक संबंध बनाने को कम या बंद करने की सलाह दे।

    जीवनशैली में बदलाव: दवाईयां लेने के साथ आपके डॉक्टर आपको

    पौष्टिक आहार का सेवन करना, शारीरिक गतिविधियों में बदलाव, धूम्रपान छोड़ना, तनाव ना लेना जैसी सलाह भी दे सकते हैं।

    कार्डियक रिहैबिलिटेशन: हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर, या दिल से जुड़ी  हुई किसी भी बीमारी के लिए कार्डियक रिहैबिलिटेशन अच्छा विकल्प है। कार्डियक रिहैब में निम्नलिखित प्रोग्राम शामिल होते हैं।

    शारीरिक गतिविधियां: स्वस्थ जीवन जिसमें पौष्टिक आहार खाना, डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाई लेना और धूम्रपान को छोड़ना जैसी ज़रूरी बातों के बारे में बताया जाता है। तनाव ना लेने और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर करने के लिए प्रोग्राम भी चलाए जाते हैं।

    ये भी पढ़ें: क्या है कोरोनरी धमनी रोग? जानें कारण लक्षण और इलाज

    अगर आप भी दिल से जुड़ी हुई समस्याओं का सामना कर रहे हैं या किसी और स्वास्थ्य समस्या से परेशान हैं तो 88569-88569 पर कॉल करके आप मुफ्त सलाह ले सकते हैं। कॉल पर आपको डॉक्टर द्वारा सही जानकारी दी जाएगी। कानपुर, वाराणसी, आगरा, कैथल, कुरुक्षेत्र, रेवाड़ी, करनाल, पानीपत, सोनीपत, बहादुरगढ़, राम विहार, नांगलोई, काशीपुर, हल्द्वानी में हमारे अस्पताल मौजूद हैं। आप अपने नज़दीकी अस्पताल में जाकर भी इलाज करवा सकते हैं।

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