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जीवनशैली से जुड़ी आम लेकिन एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या – हाइपरटेंशन

By Priyambda Sahay

Reviewed by : Ujala Cygnus

May 18, 2026

आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन जीवनशैली से जुड़ी एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। खराब खान-पान, तनाव, कम नींद, शारीरिक गतिविधि की कमी और अनियमित जीवनशैली के कारण अब कम उम्र के लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। इसलिए ब्लड प्रेशर को अधेड़ उम्र की समस्या समझना गलत होगा। सबसे चिंता की बात यह है कि कई बार हाई ब्लड प्रेशर के शुरुआती लक्षण दिखाई नहीं देते, इसलिए इसे “Silent Killer” भी कहा जाता है। अगर समय रहते इसका इलाज और जीवनशैली में बदलाव नहीं किया गया तो यह भविष्य में कई गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकता है।

ब्लड प्रेशर की नियमित जांच, सही जीवनशैली और समय पर इलाज से हाइपरटेंशन को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। इस विषय पर उजाला सिग्नस सुपर स्पेशलिटी रेवाड़ी के इंटरनल मेडिसिन के डॉ. राकेश केशरी स्वैन ने कुछ महत्वपूर्ण सवालों के जवाब दिए हैं।

1.

दिन के अलग-अलग समय में ब्लड प्रेशर की रीडिंग क्यों बदलती रहती है

?

ब्लड प्रेशर पूरे दिन एक जैसा नहीं रहता। सुबह उठने के बाद, शारीरिक गतिविधि, तनाव, खान-पान, नींद और भावनात्मक स्थिति के अनुसार इसमें बदलाव आता रहता है। आमतौर पर तनाव के समय बीपी थोड़ा बढ़ सकता है, जबकि आराम या नींद के दौरान कम हो जाता है। इसलिए बीपी की रीडिंग एक जैसी नहीं रह सकती यह हमारे क्रियाकलापों के आधार पर बदलती रहती है।

2.

सिस्टोलिक और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर में क्या अंतर होता है

?

ब्लड प्रेशर की रीडिंग दो नंबरों में होती है।

सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर

(ऊपरी संख्या) बताता है कि जब दिल धड़कता है और खून पंप करता है, तब धमनियों पर कितना दबाव पड़ता है।

डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर

(निचली संख्या) बताता है कि जब दिल आराम की स्थिति में होता है, तब धमनियों में दबाव कितना होता है।

उदाहरण के लिए, 120/80 mmhg में 120 सिस्टोलिक और 80 डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर है। सिस्टोलिक और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर के बीच सामान्यतया 40 प्वांइट का अंतर होता है। बीपी की रीडिंग 140/90 mmhg से ज्यादा को हाई और 90/60 mmhg से कम को लो बीपी माना जाता है।

सामान्य बीपी- 130/85 – 90 से कम

हाई बीपी- 140/90 या इससे ज्यादा

हाई बीपी स्टेज 1- 140-159/90-99

हाई बीपी स्टेज-2- 159-  179/100-110

हाई बीपी स्टेज3- 180/110 से ज्यादा

3.

हाई ब्लड प्रेशर के शुरुआती संकेत और लक्षण क्या हो सकते हैं

?

कई लोगों में हाई बीपी के कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते, लेकिन कुछ संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, जैसे लगातार सिरदर्द, चक्कर आना, धुंधला दिखाई देना, सांस फूलना, सीने में भारीपन, थकान और नाक से खून आना। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। यह हाई ब्लड प्रेशर के संकेत हो सकते हैं जिसका समय पर उपचार होना जरुरी है।

4.

तनाव

,

खराब खान-पान

,

कम नींद और शारीरिक निष्क्रियता

BP

को कैसे बढ़ाते हैं

?

लगातार तनाव शरीर में ऐसे हार्मोन बढ़ाता है जो ब्लड प्रेशर बढ़ा सकते हैं। ज्यादा नमक, जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड का सेवन बीपी को बढ़ाने में योगदान देता है। वहीं, कम नींद और शारीरिक गतिविधि की कमी दिल और रक्त वाहिकाओं पर नकारात्मक असर डालती है, जिससे हाई बीपी का खतरा बढ़ जाता है।

5.

क्या कम उम्र के लोगों को भी नियमित ब्लड प्रेशर जांच करवानी चाहिए

?

हाँ, आजकल युवाओं में भी हाई बीपी के मामले बढ़ रहे हैं। जिन लोगों के परिवार में हाइपरटेंशन, डायबिटीज़ या हृदय रोग का इतिहास है, उन्हें नियमित बीपी जांच जरूर करवानी चाहिए। समय पर जांच से बीमारी का जल्दी पता चल सकता है और जटिलताओं से बचा जा सकता है। 40 वर्ष की उम्र के बाद हर व्यक्ति को  ब्लड प्रेशर चेक करना चाहिए। अगर आपका ब्लड प्रेशर सामान्य है तब भी कम से कम छह माह में एक बार अपने ब्लड प्रेशर की जांच जरूर करें।

6

.

घर पर ब्लड प्रेशर चेक करते समय लोग कौन-सी सामान्य गलतियाँ करते हैं

?

घर पर बीपी मापते समय कई लोग कुछ सामान्य गलतियाँ कर देते हैं, जैसे: जांच से पहले चाय या कॉफी पी लेना, तुरंत चलने या सीढ़ियां चढ़ने के बाद बीपी मापना, सही साइज का कफ इस्तेमाल न करना, बीपी मापते समय बैठने का गलत तरीका, और बात करते हुए बीपी चेक करना। ऐसा करने से ब्लड प्रेशर की रीडिंग सही नहीं आएगी। सही रीडिंग के लिए जांच से पहले कम से कम 5 मिनट आराम करना जरूरी है।

कॉफी, चाय, तनाव, नींद की कमी या भारी एक्सरसाइज के तुरंत बाद बीपी अस्थायी रूप से बढ़ सकता है। इसलिए सही रीडिंग के लिए ब्लड प्रेशर हमेशा आराम की स्थिति में मापना चाहिए। हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, तनाव नियंत्रण और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच बेहद जरूरी है। यदि आपको बार-बार ब्लड प्रेशर बढ़ने की समस्या हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

अगर हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन से जुड़े सवाल आपके पास भी है तो नजदीकी उजाला सिग्नस अस्पताल से संपर्क करें। आप हमारे स्वास्थ्य विशेषज्ञों से askadoctor@ujalacygnus.com  पर भी संपर्क कर सकते हैं या डॉ. राकेश केशरी स्वैन के साथ अपॉइंटमेंट बुक करने के लिए यहाँ क्लिक करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (

FAQs)

1.

सामान्य ब्लड प्रेशर कितना होना चाहिए

?

आमतौर पर 120/80 mmHg को सामान्य ब्लड प्रेशर माना जाता है।

2.

क्या हाई

BP

पूरी तरह ठीक हो सकता है

?

हाई BP को सही जीवनशैली और दवाओं की मदद से नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन नियमित मॉनिटरिंग जरूरी होती है।

3.

क्या तनाव से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है

?

हाँ, लगातार तनाव ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है।

4.

क्या घर पर

BP

मॉनिटर रखना फायदेमंद है

?

हाँ, नियमित मॉनिटरिंग के लिए घर पर डिजिटल BP मशीन उपयोगी हो सकती है।

5.

क्या हाई ब्लड प्रेशर में नमक कम करना जरूरी है

?

हाँ, अधिक नमक का सेवन ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है, इसलिए सीमित मात्रा में नमक लेना चाहिए।

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