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Corona Vaccine से संबंधित 5 अनसुने सवालों के जवाब

By revati raman

Reviewed by : Jalaz Jain

April 10, 2023

देशभर में फैले कोरोना वायरस ने कितने मासूमों की जान ले ली है, अभी भी इस वायरस का प्रभाव रुकने का नाम नहीं ले रहा है। जैसा की हम सभी जानते हैं कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते प्रभाव पर लगाम लगाने में सिर्फ कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) ही हमारी मदद कर सकता है यही वजह है कि इतनी तेजी के साथ टीकाकरण (Covid Vaccination) किया जा रहा है। लेकिन हम आपको बता दें कि अभी भी तमाम लोग ऐसे हैं जिनके दिमाग में कोरोना वैक्सीन (covid-19 vaccine) को लेकर शंकाएं हैं और उनके दिमाग में तमाम तरह के सवाल चल रहे हैं। तो चलिए आज कोरोना वैक्सीन से जुड़े मिथकों को दूर करते हैं-

मिथक 1: वैक्सीन के गंभीर साइड इफेक्ट्स हैं।

हकीकतः ये धारणा पूरी तरह से गलत है। यहां हम इंडिया की बात करें तो एडवर्स इवेंट्स सिर्फ 0.013% रहे हैं। यानी कि दस लाख में केवल 130 लोगों में ही कोरोना वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स देखे गए हैं जो कि ना के बराबर है।

ये साइड इफेक्ट्स भी गंभीर नहीं होते हैं इसमें केवल इंजेक्शन लगाने वाली जगह पर दर्द, सूजन, बुखार आदि महसूस हो सकता है जो कि खुद ठीक भी हो जाते हैं।

अगर आपको भी कोरोना वैक्सीन को लेकर कोई संदेह है या आप वैक्सीन से संबंधित कोई जानकारी पाना चाहते हैं तो तुरंत 91466-91466 पर कॉल करके डॉक्टर से FREE सलाह ले सकते हैं।

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मिथक 2: वैक्सीन बहुत कम समय में बनी हैं। इस वजह से यह सुरक्षित नहीं है।

हकीकतः ये सच है कि वैक्सीन को बनाने में काफी कम समय लगा है लेकिन इसे पूरी तरह से ट्रायल के बाद ही मंजूरी दी गई है इसलिए कोरोना वैक्सीन (covid-19 vaccine) पूरी तरह से सुरक्षित है। कोरोना वैक्सीन के साथ भी वो सभी नियमों का पालन किया गया है जो आमतौर पर किसी भी वैक्सीन को अप्रूवल देने से पहले किया जाता है।

मिथक 3: वैक्सीन की वजह से विकसित होने वाली इम्यूनिटी शराब पीने से कमजोर होती है।

हकीकतः ये दावा गलत है। वैक्सीन की रोग प्रतिरोधक क्षमता का शराब से कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन हां जो लोग अधिक शराब का सेवन करते हैं उनकी इम्यूनिटी खराब हो सकती है, इसके अलावा बहुत ज्यादा शराब पीने से लिवर, दिल संबंधित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।

मिथक 4: यदि किसी को कोविड-19 हो चुका है तो उसे वैक्सीन लगवाने की जरूरत नहीं है।

हकीकतः ये सच है कि एक बार जिस व्यक्ति को कोविड हो जाता है उसके शरीर में वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित हो जाती है, लेकिन इसका कोरोना वैक्सीन (covid vaccine) ना लगवाने से कोई संबंध नहीं है। क्योंकि अगर किसी को कोरोना हुआ है तो उसके शरीर में एंटीबॉडी बनी होगी लेकिन ये कितने दिन चलने वाली है ये उस व्यक्ति पर निर्भर करता है। इसलिए कोरोना से स्वस्थ होने के 3 महीने बाद कोविड का टीका लगवाया जा सकता है। ये आपकी इम्यूनिटी में बूस्टर का काम करेगा।

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मिथक 5: जिन महिलाओं के पीरियड्स चल रहे हैं, उनकी इम्यूनिटी को वैक्सीन कमजोर करती है।

हकीकतः यह धारणा सरासर गलत है। वैक्सीन का महिलाओं के पीरियड्स से कोई संबंध नहीं है। इसका उनकी बॉडी पर कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है।

अगर आपको भी कोरोना वैक्सीन को लेकर कोई संदेह है या आप वैक्सीन से संबंधित कोई जानकारी पाना चाहते हैं तो तुरंत 91466-91466 पर कॉल करके डॉक्टर से FREE सलाह ले सकते हैं।

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