नितिन नाग ने हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को टीयर-2 और टीयर-3 शहरों तक पहुंचाने को स्वर्णिम भारत की पहली शर्त बताया है। उन्होंने कहा कि विकास अधिकतर मेट्रो शहरों में हुआ है। विकास मेट्रो फोकस्ड है। ज्यादातर सुविधाएं मेट्रो में स्टेबल है। इस कारण से टीयर 2 और टीयर 3 शहरों में नुकसान हुआ है। हेल्थ इंफ्रा यानी स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा शहरों से गांवों तक नहीं पहुंच पाया है। इंफ्रा का कॉस्ट भी बढ़ता ही जा रहा है। इससे लोगों को दिक्कत होती है। मेट्रो शहरों में दिक्कत उतना दिखता नहीं है। यहां लोग अफोर्ड कर सकते हैं। पर मेट्रो शहरों से बाहर जाने पर समस्याएं ज्यादा दिखती है। हेल्थकेयर को डिजिटल बनाने पर नितिन ने कहा कि इस क्षेत्र में नई तकनीकों से सुविधाओं को बढ़ावा दिया जा सकता है। इससे कन्टीन्यूटी ऑफ केयर को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इसे सुधारने के लिए हम प्राइमरी केयर सेंटर खोल रहे हैं।