गर्भपात (Abortion) के जोखिम और दुष्प्रभाव

कई बार अनचाही प्रेग्नेंसी (Unwanted Pregnancy) या मजबूरी में लोग गर्भपात (Abortion) कराने का निर्णय लेते हैं। इसके अलावा, कई बार प्रेग्नेंसी (Pregnancy) की पहली तिमाही में कोई दिक्कत हो जाने पर अबॉर्शन (abortion) कराने का निर्णय लेते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मेडिकल और सर्जिकल दो तरह से अबॉर्शन किए जाते हैं। वहीं सर्जिकल अबॉर्शन क्लिनिक या हॉस्पिटल में होता है। जबकि मेडिकल अबॉर्शन (medical abortion) वह प्रक्रिया है, जिसमें दवाओं के द्वारा प्रारंभिक गर्भावस्था (Early Pregnancy) को समाप्त किया जाता है।

अबॉर्शन कराने के नुकसान

अबॉर्शन (Abortion) करवाने से पहले एक बात का हमेशा ख्याल रखना चाहिए कि बार-बार गर्भपात करवाने से शरीर को कई तरह से नुकसान पहुंच सकता है। जोकि निम्नलिखित हैं-

  • पेट में दर्द की शिकायत होना, उबकाई आना, उल्टी होना, डायरिया, ब्लीडिंग।
  • डिप्रेशन, मनोबल में कमी, सिर में दर्द और मूड में बार-बार बदलाव होना।
  • ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा 50 फीसदी तक बढ़ जाता है।
  • सर्वाइकल कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है।
  • बार-बार गर्भपात करवाने से विकलांग बच्चे को जन्म देने का खतरा भी बढ़ जाता है।
  • गर्भपात के समय इन्फेक्शन होने पर पीआईडी यानी पेल्विक इनफ्लेमेटरी डिजीज, एक जानलेवा बीमारी है, का होने का खतरा बढ़ जाता है।

अबॉर्शन के बाद कैसे रखें ख्याल?

  • अबॉर्शन (Abortion) के बाद कुछ दिनों तक आराम करने के अलावा,अधिक शारीरिक मेहनत करने से बचना चाहिए।
  • आयरन, कैल्शियम, विटामिन और प्रोटीन आदि से भरपूर चीजों का सेवन जितना हो सके उतना करें।
  • दवाओं का सेवन समय पर करें।
  • डॉक्टर द्वारा बताई गई बातों को फॉलो करें।
  • हेल्दी डाइट में अनाज, फल, सब्जियां, दूध, दही, जूस, दालें, फलियों का सेवन करें।
  • जंक फूड, स्ट्रीट फूड, डिब्बा बंद फूड्स, तेल-मसालेदार चीजों के सेवन से बचें।
  • अधिक चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक्स, शुगरी ड्रिंक्स का सेवन ना करें।

अधिक जानकारी के लिए 91466-91466 पर कॉल करें और पाएं डॉक्टर से FREE सलाह।

अबॉर्शन कितनी बार कराना चाहिए?

बार-बार अबॉर्शन (Abortion) कराने की वजह से कैंसर का खतरा (Cancer Risk) बढ़ जाता है। वहीं, इससे ओवेरियन और ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer) भी हो सकता है। कई बार अबॉर्शन से अगर फैलोपियन ट्यूब में किसी तरह का जख्म हो जाता है, तो मां बनने के चांस कम हो जाते हैं। वहीं इसकी वजह से पीरियड्स भी अनियमित हो जाते हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs):

1. सर्जिकल गर्भपात के साइड इफेक्ट

हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, कई बार देखा गया है कि गर्भपात के बाद महिला डिप्रेशन, मनोबल में कमी, सिर में दर्द, मूड में बार-बार बदलाव जैसी समस्याओं से ग्रसित हो जाती हैं।

2. अबॉर्शन के बाद कितने दिन आराम करना चाहिए?

कम से कम 15 दिनों तक आराम करें और कोई भारी सामान न उठाएं।

3. गर्भपात होने के बाद क्या क्या सावधानी रखनी चाहिए?

  • अच्छा और संतुलित आहार लें।
  • ज्यादा वर्कआउट करने से बचें।
  • गर्म पानी का सेवन करें।
  • बॉडी मसाज करवाएं।

अपना मेडिकल चेक-अप करवाएं। गर्भपात से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए 88569-88569 पर कॉल करें और पाएं डॉक्टर से FREE सलाह।

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